Central Sanskarti University organises funcation on International Women's Day
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने किया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन
महिला कार्मिकों को दिए नारी शक्ति पुरस्कार
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री रणवीर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि जम्मू राजपरिवार की रितु सिंह रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर के निदेशक प्रो मदन मोहन झा ने की। इस बार विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवासवरखेड़ी ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति पुरस्कार की शुरूआत की।जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के परिसरों में महिला शिक्षकों एवं महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। महिला दिवस सप्ताह के अंतर्गत परिसरिय छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें समूह नृत्य, एकल ,समूह गान,म्यूजिकल चेयर,अभिनय फैंसी ड्रेस आदि रही।
जम्मू स्थित श्रीरणवीर परिसर में कार्यरत प्राध्यापिकाओं डॉ श्वेता सूद, डॉ नीतू शर्मा, डॉ शुभश्रीदाश, डॉ संतोष गोडरा, डॉ स्नेहलता ,तकनीकी सहायिका तिरुपति बाला और महिला कर्मचारी श्रीमती रिशाली, रजनी, ममता, शीला, समिति के साथ उत्तर क्षेत्रीय युव महोत्सव में मैडल प्राप्त करने वाली और महिला दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राओं को परिसर निदेशक और अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रितु सिंह ने कहा कि समाज में लैंगिक भेदभाव दूर होना आवश्यक है। स्त्री और पुरुष दोनों एक दूसरे सहयोगी और पूरक हैं। आज के बदलते भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे है। वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी रूप से अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही है। महिलाएं पहले की अपेक्षा अधिक सशक्त हुई हैं। साथ ही महिलाओं में जागरुकता का भी होना आवश्यक है। यदि एक महिला भी जागरुक होती है तो परिवार, समाज तथा राष्ट्र मजबूत होता है। इसलिए महिलाओं को और अधिक सशक्त करने के लिए उनको अधिकारों के प्रति जागरुक करने की आवश्यकता है। अपने अध्यक्षीय उदबोधन में परिसर के निदेशक प्रो. मदन मोहन झा ने कहाकि प्रत्येक दिन महिलाओं का है ।महिलाएं अपने हर कार्य में सक्षम हैं वे अपने हर कार्य को हमेशा समर्पण भाव से करती आई हैं। परिवार,समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने में महिलाओं का योगदान सर्वोपरि है।उनकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।कार्यक्रम का प्रारम्भ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया गया।इस अवसर पर शिक्षा शास्त्र विभाग की छात्राओं ने वैदिक और लौकिक मंगलचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत परिसर की साहित्य विभाग की डॉ नीतू शर्मा के द्वारा किया गया।शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ शुभश्री दाश ने अतिथियों को धन्यवाद दिया।तकनीकी सहयोग तिरुपति बाला ने किया। कार्यक्रम की संकल्पना परिसर के निदेशक के निर्देशन में कार्यक्रम की संयोजिका डॉ शुभश्री दाश और डॉ स्नेहलता ने की ।इस अवसर पर छात्र, छात्राएं और साहित्य विभाग के संयोजक प्रो सतीश कुमार कपूर,वेद विभाग के संयोजक डॉ डी दयानाथ,व्याकरण विभाग के डॉ कैलाश चंद्र दाश, शिक्षा शास्त्र के डॉ ऋषिराज,डॉ. घनशयाम मिश्र,डॉ राजकुमार मिश्र, डॉ.रतन पाण्डेय ,डॉ गोपाल वर्मा,डॉ योगेन्द्र दीक्षित, विशाल महाजन,कमलकिशोर, प्रदीप मिश्र,मनिन्दर सिंह तथा कार्यालय के कर्मचारी बिशनदाश और सव्यसाची शर्मा उपस्थित रहे।कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षा शास्त्र विभाग की छात्राओं ने किया ।

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